मेरी रफ़्तार पे सूरज की किरण नाज़ करे
ऐसी परवाज़ दे मालिक के गगन नाज़ करे
वो नज़र दें की करू कद्र हर एक मज़हब की
वो मोहब्बत दे मुझे अमनो अमन नाज़ करे
मेरी खुशबू से महक जाये ये दुनिया मालिक
मुझको वो फूल बना सारा चमन नाज़ करे
इल्म कुछ ऐसा दे, मैं काम सभी के आऊ
हौसला ऐसा ही दे गंग जमन नाज़ करे
आधे रस्ते पे ना रुक जायें मुसाफिर के कदम
शौक मंजिल का हो इतना की थकन नाज़ करे
दीप से दीप जलाएं की चमक उठे बिहार
ऐसी खूबी दे ऐ मालिक की वतन नाज़ करे
जय बिहार जय बिहार
जय जय जय... जय बिहार
स्वर : उदित नारायण
संगीतकार : शिव हरी
गीतकार : एम आर चिश्ती
Energetic
ReplyDeleteAdbhut
ReplyDeleteThanks
ReplyDeleteबहुत अच्छी गीत है।
ReplyDelete👌👌👌
ReplyDeleteGajab full motiveted from our work and achievement
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